खण्ड विकास अधिकारी सकरन के संरक्षण में क्षेत्र में कागज पर हो गया शौचालय घोटाला

 


वर्षो पूर्व मृतको के नाम भी आवंटित धनराधि का हो गया भुगतान नही बने शौचालय 


 


जीतेन्द्र शुक्ल


 


सकरन सीतापुर स्वच्छ भारत मिशन योजना के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में गरीबों रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले पात्र लाभर्थियों को शौचालय उपलब्ध करा कर देश के ग्रामीण क्षेत्रों को खुले में शौच से मुक्ति कर देश मे प्रति वर्ष हो रही बीमारियों की वजह से हजारो मौत रोका जा सके जिसके लिए केंद्र व राज्य सरकार दोनों के द्वारा प्रति शौचालय 12 हजार रुपए प्रति लाभार्थी को नियम के अनुसार उपलब्ध कराया जा रहा है जिसमे योजना में संबंधित अधिकारियों द्वारा घोटाला न किया जा सके जिस संबंध में प्रधानमंत्री से लेकर जिला प्रशासन तक समय समय पर बैठक कर कार्य की समीक्षा को लेकर सख्त से सख्त दिशा निर्देश भी जारी किए जा रहे है जिससे भ्रष्टाचार को रोका जा सके जारी गाइडलाइन व सख्त से सख्त दिशा निर्देश के बाद भी जनपद सीतापुर के विकास खण्ड सकरन में खण्ड विकास अधिकारी के संरक्षण में ब्लाक क्षेत्र में आवंटित शौचालय में बड़ी सँख्या में आवंटित धनराशि के अनुसार शौचालय निर्माण नही करा कर कागजपूर्ति कर फर्जीबाड़ा किया गया है जबकि अगर ऑनलाइन भुगतान को देखा जाए तो आवंटित धनराशि का भुगतान हुए लगभग वर्षो का समय बीत चुका है लेकिन अभी तक अधिकतर शौचालय निर्माण नही हो सका है और आवंटित धनराधि का बंदरबाट ग्राम प्रधान व सचिव के मध्य हो गया बताते चले विकास खण्ड सकरन की ग्राम पंचायतों में स्वच्छ भारत मिशन योजना के अंतर्गत ऑनलाइन सूची के अनुसार


विकास खण्ड की कुल 85 ग्राम पंचायतों में 39465,


शौचालय आवंटित किये गए जिस सम्बन्ध में फर्जीबाड़ा को।लेकर शासन व जिला प्रशासन द्वारा भी जनपद कई ग्राम पंचायतों में जांच व ग्राम पंचायत सचिव का निम्लबन किया गया इन सब प्रकिया के बाद भी स्थिती यह है कि खण्ड विकास अधिकारी सकरन के सरंक्षण में विकास खंड की ग्राम भिठमनी में कुल शासन द्वारा 697 शौचलय की धनराधि आवंटित की गई जबकि स्थितिन यह है कि अभी तक किसी ग्राम पंचायत जो भी शौचालय ग्राम प्रधान जयदेवी पत्नी उदय प्रताप व सचिव रविशंकर के द्वारा निर्माण कराये गए है उसमें वह आधे अधूरे कराये गए है जिस संबंध में ग्रामीणों द्वारा कई बार शौचालय निर्माण की मांग की जा चुकी है लेकिन अभी तक कोई भी उचित कार्यवाही की जा सकी जिससे दोषियों पर कार्यवाही हो सके जबकि भारी संख्या में पात्र लाभर्थियों द्वारा विभिन्न माध्यमों से शिकायत कर शौचालय की मांग की जा रही है