सीतापुर,
कोरोना संक्रमण से बचाव एवं उपचार के लिए आइवरमेक्टिन दवा का उपयोग किया जाएगा | इस सम्बन्ध में अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य अमित मोहन प्रसाद ने प्रदेश के सभी मुख्य चिकित्सा अधिकारियों तथा मुख्य चिकित्सा अधीक्षकों को पत्र जारी कर आवश्यक निर्देश दिए हैं | उत्तर प्रदेश चिकित्सा एवं स्वास्थ्य महानिदेशक की अध्यक्षता में तकनीकि विशेषज्ञों की बैठक में यह निर्णय लिया गया है |
आइवरमेक्टिन दवा कोरोना उपचाराधीन व्यक्तियों के संपर्क में आये लोगों तथा स्वास्थ्य कर्ता जो कोरोना उपचाराधीन व्यक्तियों के देखभाल में लगे हैं उन्हें कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए दी जानी चाहिए |
आइवरमेक्टिन दवा बिना लक्षण वाले और हल्के लक्षण वाले व्यक्तियों को दी जानी चाहिए | ऐसे व्यक्ति को साथ में डॉक्सीसाइक्लीन दवा भी दी जाएगी |
आइवरमेक्टिन दवा गर्भवती एवं धात्री महिलाओं तथा दो वर्ष से कम आयु के बच्चों को नहीं दी जानी है | डॉक्सीसाइक्लीन गर्भवती एवं धात्री महिलाओं तथा 12 वर्ष से कम आयु के बच्चों को नहीं दी जानी है |
साबुन और पानी से बार-बार 40 सेकेण्ड तक हाथ धोएं|
घर से बाहर बहुत जरूरी होने पर ही निकलें |
बाहर निकलें तो मास्क का उपयोग अवश्य करें |
सार्वजनिक स्थानों पर 6 फीट की दूरी से ही लोगों से मिलें |
नाक, मुंह और आँख को अनावश्यक रूप से छूने से बचें |
छींकते या खांसते समय मुड़ी हुयी कोहनी, रुमाल या नैपकिन का उपयोग करें | नैपकिन को बंद डस्टबिन में डालें | रुमाल को पानी से अच्छी तरह से धोएं |
कोरोना से बचाव को खिलाई जाएगी आइवरमेक्टिन दवा
• Pankaj bhartiya