विशेष सर्विलांस अभियान के तहत 31 लाख लोगों का होगा स्वास्थ्य परीक्षण तैयारियां पूरी, 5 से 15 जुलाई तक चलेगा चलेगा अभियान

सीतापुर । 


कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण को रोकने के लिए आगामी 5 जुलाई से जिले भर में विशेष सर्विलांस अभियान शुरू होने जा रहा है। इसको लेकर स्वास्थ्य विभाग ने टीमों का गठन कर सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली हैं। कोरोना की रोकथाम के लिए पल्स पोलियो की तर्ज पर यह अभियान दस दिनों तक चलेगा। इस दौरान कोरोना के साथ गंभीर बीमारियों का भी विशेष ख्याल रखा जाएगा। 


इस बाबत जानकारी देते हुए सीएमओ डॉ. आलोक वर्मा ने बताया कि कोविड-19 पर प्रभावी नियंत्रण के लिए आगामी पांच से 15 जुलाई के बीच युद्धस्तर पर एक विशेष सर्विलांस अभियान चलाया जाएगा। संक्रमण में वृद्धि को ध्यान मे रखते हुए जिले में घर-घर जाकर संवेदीकरण करने के साथ-साथ कंटेनमेंट जोन में सजगता के साथ अभियान चलेगा। जबकि अन्य क्षेत्रों में रोगियों का घर-घर जाकर चिन्हीकरण कर जांच कराई जाएगी। सर्वेक्षण में गर्भवती महिलाओं, 60 वर्ष से ज्यादा उम्र के व्यक्तियों, उच्च रक्तचाप, मधुमेह, कैंसर आदि ग्रसित रोगियों को सूचीबद्ध कर विशेष ध्यान रखा जाएगा। ताकि इस वर्ग में कोविड का प्रकोप कम से कम हो। डीएम ने कहा कि टीम के सदस्यों को किसी घर में रोगी मिलता है तो उनकी पल्स ऑक्सीमीटर से जांच की जाएगी। 


एसीएमओ डॉ. पीके सिंह ने बताया कि हर ग्राम पंचायत के लिए एक-एक टीम का गठन किया गया है। प्रत्येक टीम में दो सदस्य हैं। यह टीम हर घर पहुंचकर वहां रह रहे लोगों के स्वास्थ्य का परीक्षण करेगी। गांव की तर्ज पर शहरी इलाकों में भी कोविड वॉलंटियर फ्रंटलाइन कर्मचारी के रूप में तैनात किए जाएंगे। कंटेनमेंट जोन में यह पूरा सर्विलांस उसी तर्ज पर किया जाएगा जिस तरह पोलियो अभियान में कर्मचारी घर-घर जाकर दवा पिलाते हैं। सर्विलांस के लिए बनी योजना के तहत जिले की रैपिड रेस्पांस टीम आरआरटी कोविड-19 के संदिग्ध लक्षण वाले मरीज की सूचना मिलते ही उसकी फौरन आरटीपीसीआर जांच कराएगी। जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद मरीज को तुरंत कोविड अस्पताल में भेजा जाएगा। इसके बाद सर्विलांस अधिकारी की मदद से कोरोना पॉजिटिव मरीज के संपर्क में आए लोगों की कान्टैक्ट ट्रेसिंग की जाएगी। ऐसे लोगों को फौरन क्वारंटीन करते हुए इनकी भी कोरोना जांच कराई जाएगी। उन्होंने बताया कि डब्ल्यूएचओ और यूनिसेफ द्वारा माइक्रोप्लान, मैपिग, अनुश्रवण, पर्यवेक्षण एवं रिपोर्टिग के लिए प्रत्येक स्तर पर तकनीकि सहयोग प्रदान दिया जाएगा। टीमों का गठन कर उन्हें प्रशिक्षण दिया जा चुका है।


कार्यक्रम के नोडल अधिकारी एवं डॉ. सुरेंद्र सिंह ने बताया कि इस अभियान के तहत दो सदस्यीय करीब 1572 टीमों का गठन किया गया है। यह टीमें करीब 8 लाख 68 हजार घरों में रहने वाले लगभग 54 लाख लोगों को कवर करेंगे। टीम में एएनएम, आशा, आंगनबाड़ी और एनजीओ के प्रतिनिधियों को शामिल किया गया है। प्रत्येक पांच टीम पर एक सुपरवाइजर की तैनाती की गई है।