बिसवां, सीतापुर । बिसवां क्षेत्र के बाबा खंभेश्वर नाथ महादेव मंदिर के महंत व संत श्री 1008 बाल ब्रह्मचारी, बाबा आनंद स्वरूप ब्रह्मचारी ब्रह्मलीन हो गए। बाबा के भक्तों में शोक का माहौल व्याप्त है। बाबा का अंतिम संस्कार मंदिर परिसर में किया गया। उन्हें मुखाग्नि उनके शिष्य व चेला देवेंद्र महाराज ने दी। बाबा तहसील मिश्रिख के ग्राम गौरिहार के मूल निवासी थे। साहित्यकार आनंद खत्री न बताया कि करीब तीन दशक पूर्व बाबा आनंद स्वरूप ब्रम्हचारी ने मोहल्ला कमंगरी टोला में स्थित संतोषी माता के मंदिर में माता की बहुत समय तक सेवा की। कुछ वर्षों तक बाबाजी दुर्गेश्वर नाथ मंदिर में भी रहे। बाबा खंबेश्वर नाथ का दरबार बाबा की सेवा का अंतिम पड़ाव रहा। बाबा खंभेश्वर नाथ ने बाबा को फिर जाने नहीं दिया। बाबा जी अत्यंत सरल स्वभाव के दिव्य संत थे। वे 32 वर्षो से यहां खम्भेश्वर नाथ की पूजा अर्चना करते रहे हैं। शोक संवेदना व्यक्त करने वाले कमलेश मिश्रा, मुन्ना शुक्ला, सुशील मिश्रा,बच्चू अवस्थी, विजय बाजपेयी, प्रमोद मिश्रा, छोटे, पंकज शुक्ला, विवेक गौड़ ,पीयूष बाजपेयी, कुलदीप अवस्थी, गुड्डू तिवारी, हरेश अग्निहोत्री, विनोद मिश्रा, प्रभाकर तिवारी, रजन्नू बाबू आदि प्रमुख हैं।
महंत व संत श्री 1008 बाल ब्रह्मचारी बाबा आनंद स्वरूप ब्रह्मचारी हुए ब्रह्मलीन
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