समान तरीके से फैलते हैं टीबी व कोरोना, जांच में बरतें सावधानी

सीतापुर । कोरोना वायरस और क्षय (टीबी) रोग के संक्रमण का तरीका और लक्षण लगभग मिलते-जुलते हैं । इसलिए इनके संक्रमण की जद में आने से बचने के लिए मरीजों के साथ ही स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को भी विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है । इसको लेकर स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को ऑनलाइन प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है कि यदि कोई टीबी की जाँच के लिए आता है तो वह क्या-क्या सावधानी बरतें। इसके अलावा उन्हें लगता है कि मरीज में टीबी नहीं कोरोना के अधिक लक्षण नजर आ रहे हैं तो वह परामर्श लेकर उनकी कोरोना की भी जाँच करा सकते हैं। इतना ही नहीं टीबी की जांच में इस्तेमाल होने वाली सीबीनाट मशीन कोरोना की भी जाँच कर सकती है और प्रदेश में कई जगह यह जांच हो भी रही है। ​किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय के रेस्पेरटरी मेडिसिन के विभागाध्यक्ष व राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम के स्टेट टास्क फ़ोर्स चेयरमैन डॉ. सूर्यकांत का कहना है कि कोरोना जहाँ एक वायरस (विषाणु) है तो टीबी एक वैक्टीरिया (जीवाणु) है। इनके संक्रमण के लक्षण भी प्रथमदृष्टया समान हैं, इसीलिए इस तरह के लक्षण वाले मरीजों के सामने आने पर उनकी बारीकी से जांच की आवश्यकता पड़ती है, यदि किसी में समान लक्षण के चलते निर्णय लेने में दिक्कत हो तो उचित परामर्श के साथ ऐसे मरीजों की टीबी और कोरोना दोनों की जांच करायी जा सकती है। इसके अलावा ऐसे मरीजों का सैम्पल लेते वक्त मास्क, ग्लब्स और पर्सनल प्रोटेक्शन इक्यूपमेंट (पीपीई) के इस्तेमाल को अनिवार्य बनाया गया है।
जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. मुसाफिर यादव का कहना है कि टीबी और कोरोना दोनों मामलों में संक्रमित व्यक्ति के खांसने या छींकने से निकलने वाली बूंदों के संपर्क में आने से दूसरा व्यक्ति भी संक्रमण का शिकार हो सकता है। इसी को देखते हुए कोरोना के संक्रमण से बचने के लिए बार-बार हाथ धोने, एक दूसरे से कम से कम 6 फुट की दूरी बनाये रखने, मास्क का इस्तेमाल करने और अगर बुखार,खांसी और सांस लेने में कठिनाई हो तो चिकित्सक से सलाह लेने को कहा जा रहा है। दूसरी तरफ टीबी से बचने के लिए भी लगभग यही तरीके अपनाने को कहे गए हैं। वह बताते है कि स्वास्थ्य विभाग इसीलिए टीबी रोगियों को कोरोना की जद में आने से बचने के बारे में बराबर जागरूक कर रहा है क्योंकि इनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होती है और कोरोना ऐसे ही लोगों को सबसे पहले अपनी चपेट में लेता है । ​खांसने और छींकने से संपर्क में आने से दोनों के फैलने का खतरा है, इसलिए हम अगर मास्क लगाते हैं तो वह कोरोना से हमारी रक्षा करने के साथ ही टीबी से भी बचाएगा।